DEEN DAYAL KAMDHENU GOUSHALA SAMITI, FARAH, MATHURA
Jangali Anjeer
Classification
Synoyms
पामेटा, Shyama Vat, Palash Fig
Habit
सदाबहार, मध्यम आकार का वृक्ष, 8–15 मीटर ऊँचा, शाखायुक्त
Habitat
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र; भारत और पाकिस्तान के उपजाऊ वनों में पाया जाता है
Morphology
पत्तियाँ: पाम के पत्तों जैसी आकृति, हरी, लम्बी
फूल: छोटे, हरे रंग के, अंडाकार फलों के भीतर
फल: छोटे, गोल, पीले या हरे रंग के
तना: मजबूत, भूरे रंग का, शाखाओं में रसयुक्त
Chemical Composition
फ्लेवोनॉइड्स, टैनिन्स
एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी यौगिक
कार्बोहाइड्रेट्स और मिनरल्स
Guna-Karma
Rasa- कटु, मधुर
Guna- लघु, रसयुक्त
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- त्वचा रोग, ज्वर, श्वसन और पाचन रोग निवारक
Doshakarma- वात और पित्त दोष संतुलक; कफ पर हल्का प्रभाव
Medicinal uses
त्वचा रोग (फोड़े, खुजली, दाद) में उपयोगी
ज्वर और हल्की श्वसन समस्याओं में सहायक पाचन शक्ति बढ़ाने में लाभकारी
पारंपरिक रूप से घाव और सूजन में उपयोगी
Useful Part
पत्तियाँ, फल, तना, छाल
Doses
पत्तियाँ: 5–10 g काढ़ा या चूर्ण
फल: 2–5 g सेवन
छाल और तना: 5–10 g काढ़ा
Important Formulation
पत्तियों और तना का काढ़ा (ज्वर और त्वचा रोग में)
फल का सेवन (पाचन और ऊर्जा के लिए)
आयुर्वेदिक मलहम और तेल