DEEN DAYAL KAMDHENU GOUSHALA SAMITI, FARAH, MATHURA
Vaijanti
Classification
Synoyms
Sevban, Dhaincha
Habit
मध्यम आकार की झाड़ी या वृक्ष, 3–8 मीटर ऊँचा, तेज़ बढ़ने वाला
Habitat
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र; नदियों और नमी वाली मिट्टी में उगता है
Morphology
पत्तियाँ: संयुक्त, लम्बी, पंखीय
फूल: पीले, शंकुधारी, गुच्छों में
फल: लम्बी और चपटी, बीज युक्त
तना: नरम, गाढ़ा, हरा
Chemical Composition
फ्लेवोनॉइड्स, सैपोनिन्स, एल्कलॉइड्स
एंटीऑक्सीडेंट, मूत्रवर्धक और एंटीइंफ्लेमेटरी यौगिक
Guna-Karma
Rasa- कटु
Guna- लघु, रसयुक्त
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- मूत्रवर्धक, ज्वर नाशक, पेट और पाचन रोग निवारक
Doshakarma- वात और कफ दोष संतुलक; पित्त पर हल्का प्रभाव
Medicinal uses
मूत्रवर्धक और किडनी स्वास्थ्य में सहायक
ज्वर और सूजन निवारक
पेट दर्द, अपच और कब्ज में उपयोगी
वात और कफ विकार संतुलक
Useful Part
बीज, पत्तियाँ, तना
Doses
पत्तियाँ और तना: 5–10 g काढ़ा या चूर्ण
बीज: 2–5 g काढ़ा
Important Formulation
पत्तियों और बीज का काढ़ा (मूत्रवर्धक और पाचन रोग में)
पत्तियों का रस और चूर्ण (ज्वर और सूजन में)
Shloka
“कटुकं हल्कं रसयुक्तं वातकफनाशकं च।
से स्बानपत्तिजड़बीजं शरीरसुखप्रदम्॥”