DEEN DAYAL KAMDHENU GOUSHALA SAMITI, FARAH, MATHURA
कुमारी
Classification
चरक-
सुश्रुत-
भावप्रकाश-
Synoyms
ग्रहकन्या- घर में लगाना अच्छा और कन्याओं के लिए अच्छा होता है ।
घृतकुमारी- इसका स्वरस घृत के सदृशय दिखने से।
स्थूलदला- इसकी पत्तिया मोटी होती है।
कन्या- युवा अवस्था में होनेवाले बीमारियों में लाभकारी।
Habit
1 से 2 फुट ऊंचा क्षुप होता है।
Habitat
समस्त भारत में।
Morphology
स्वरूप - 1 से 2 फुट ऊंचा क्षुप होता है। पत्तीयां 15 इंच लम्बी मोटी मासल होती है। पत्तीयो में पिच्छिल मज्जा होती है। क्षुप के मध्य से लम्बा पुष्प ध्वज निकलता है। जिसमें रक्ताभ पुष्प आते है। पत्र काटने पर पीला कुमारी सार निकलता है। इसे मन्द आंच अग्नि पर गरम करने पर सत्व प्राप्त होता है। जिसे कुमारी सार कहते है।