DEEN DAYAL KAMDHENU GOUSHALA SAMITI, FARAH, MATHURA
बकुल
Classification
Synoyms
मौलसिर सौरभपुष्पर सुगन्धपुष्पर सुरभीर कलिकामोहन
Habit
मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष
Habitat
भारत के अधिकांश भागों में, विशेषकर बंगाल, पश्चिमी घाट, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उद्यानों एवं मंदिरों के आसपास
Morphology
ऊँचाई: 10–15 मीटर
तना: सीधा, गहरा धूसर या भूरा, खुरदरी छाल
पत्ते: गहरे हरे, चमकदार, अंडाकार, किनारे पूरे
फूल: छोटे, सफेद, अत्यंत सुगंधित, ताराकार, गुच्छों में
फल: अंडाकार, पीले से नारंगी रंग के, गुठलीदार
बीज: चिकने, भूरे, कठोर
Chemical Composition
टैनिन
फ्लेवोनोइड्स
सैपोनिन्स
ट्राइटरपीनोइड्स
अस्ट्रिन्जेंट तत्व
विटामिन C
वाष्पशील तेल (फूलों में)
Guna-Karma
Rasa- कषाय, मधुर
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- दन्तरोगनाशक, रक्तशोधक, व्रणरोपण, बल्य, स्तम्भक
Doshakarma- पित्त-शामक, कफ-वात संतुलक
Medicinal uses
फदाँत और मसूड़ों की मजबूती हेतु मंजन और काढ़ा
अतिसार, रक्तस्राव और प्रदर में उपयोगी
व्रण और अल्सर पर लेप
मुखदुर्गंध और दन्तक्षय में लाभकारी
फूलों का गंधयुक्त तेल सिरदर्द में नस्य के रूप में
बीज का चूर्ण मूत्रविकार में
Useful Part
फूल, फल, छाल, बीज, पत्ते
Doses
छाल का काढ़ा: 40–80 ml
बीज चूर्ण: 1–3 g
फूलों का अर्क: आवश्यकता अनुसार