HERBAL GARDEN

गोरक्षगंञ्ज

Classification

Synoyms

अपामार्गसदृश
पाषाणभेदक
गोक्षुरिका
अधःपुष्पा

Habit

बहुवर्षीय, रोयेंदार, शाकीय पौधा

Habitat

शुष्क, पथरीले और बंजर क्षेत्रों में; भारत में मैदानों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक पाया जाता है।

Morphology

  • जड़ – पतली, लंबी, रेशेदार
  • तना – सीधा या फैलावदार, शाखायुक्त, सफ़ेद रोयों से ढका
  • पत्तियाँ – सरल, अंडाकार से दीर्घवृत्ताकार, 1–3 सेमी, सफ़ेद रोयों से युक्त
  • फूल – छोटे, हरे-सफेद रंग के, गुच्छों में, पत्तियों की बगल में
  • फल – छोटे, गोल, शुष्क और एक बीजयुक्त
  • बीज – छोटे, चिकने, भूरे रंग के

Chemical Composition

अल्कलॉइड्स – एर्विनोलिन (ervinol), एर्विनिन (ervinine) <br फ्लावोनॉइड्स – क्वेरसेटिन, काइम्फेरॉल
सैपोनिन्स, टैनिन्स
बेटासाइटोस्टेरॉल
अमीनो एसिड्स, पोटैशियम साल्ट्स

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- मूत्रल (diuretic), अश्मरीभेद (lithotriptic), श्वासकासहर, शोथहर, रक्तशोधक
Doshakarma- पित्तशामक, वातार्ति एवं कफ शामक

Medicinal uses

मूत्र पथरी, अश्मरी, मूत्रकृच्छ
मूत्रवर्धक के रूप में
गुर्दे और मूत्राशय के संक्रमण में
शोथ (edema) और जलोदर
श्वास, कास और रक्तपित्त
त्वचा रोग एवं रक्तशोधन
सूजन व घाव धोने में बाह्य प्रयोग

Useful Part

संपूर्ण पौधा

Doses

चूर्ण – 3–6 ग्राम
क्वाथ – 40–50 मिली
स्वरस – 10–15 मिली

Important Formulation

पाषाणभेदादि क्वाथ
अश्मरीहर चूर्ण
गोरक्षगञ्जादि क्वाथ

Shloka

गोरक्षगञ्जा मूत्रघ्ना पाषाणश्लेष्मनाशिनी।
शोथकासकृच्छहृद्या शीतला तिक्तका मधु॥
"गोरक्षगञ्जोमूत्रार्त्ते, पाषाणेमूत्रकृच्छके।
प्रमेहेशोथकेचैव, रक्तपित्तहरःस्मृतः॥"

Hindi Name​

गोरक्षगञ्ज, चाया, बुढ़िया घास

English Name

Mountain knotgrass, Wild amaranth

Botanical Name

Aerva lanata (L.) Juss. ex Schult.

Family

Amaranthaceae

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