गोजिह्वागोमुखपत्रीक्षीरपुष्पापित्तहरिणीक्षुद्रजिह्वा
बहुवर्षीय शाकीय पौधा (Perennial herb)
मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी हिमालय, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 1,000–3,500 मीटर की ऊँचाई पर पाया जाता है।
Alkaloids, Flavonoids, Glycosides, Tannins, Saponins, Mucilage, Potassium salts, Calcium, β-sitosterol, Onosmone, Sugars
Rasa- मधुर, तिक्त Guna- गुरु, स्निग्ध Virya- शीत Vipaka- मधुर Karma- हृदयबल्य, मूत्रल, पित्तशामक, रक्तशोधक, ज्वरनाशक, श्वसन विकार नाशकद्य, वृष्य Doshakarma- पित्त और रक्तदोष शामक, वात-कफ नियंत्रक
मूत्र रोग (जलन, अल्पमूत्रता) पित्त विकार हृदय की दुर्बलता रक्त शोधन श्वसन रोग ज्वर पथरी में सहायक शरीर में जलन कम करना
सम्पूर्ण पौधा (विशेषकर पत्ते और फूल)
काढ़ा – 30–50 मि.ली. चूर्ण – 3–6 ग्राम सत्व / अर्क – 10–20 मि.ली.
गोजिह्वा सत्व गोजिह्वा अर्क शीतलादि चूर्ण हृदयबल्य मिश्रण
गोजिह्वा शीतला हृद्या पित्तदाहविनाशिनी। मूत्रलत्वाद्विशेषेण मूत्रकृच्छ्रविनाशिनी॥ "गोजिह्वातिक्तकषायारक्तपित्तापहारिणी। ज्वरश्वासकफघ्नीचप्रशस्तारक्तशोधनम्॥" — निघण्टुग्रंथोंकेअनुसार
गोजिह्वा, गोजिह्वा जड़ी
Bracted Onosma
Onosma bracteatum Wall.
Boraginaceae