दन्तिका निकुम्भा वृषा कुष्ठहा
झाड़ीदार, बहुवर्षीय
भारत के उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, विशेषकर हिमालय की तराई, बंगाल, असम, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, एवं केरल में पाई जाती है।
दन्तीन, रेजिन, टैनिन, ग्लाइकोसाइड्स, फैटी ऑयल, बालियोस्पर्मिन
Rasa- कटु, तिक्त Guna- लघु, तीक्ष्ण Virya- उष्ण Vipaka- कटु Karma- विरेचक, कृमिनाशक, शोथहर, कुष्ठहर, हृदयबल्य Doshakarma- कफ-वात नाशक, पित्तवृद्धिक
कब्ज एवं पेट के विकार में कृमिरोग (आंतों के कीड़े) में त्वचा रोग एवं कुष्ठ में शोथ (सूजन) में यकृत विकार में जलोदर में
मूल (Root), बीज
मूल चूर्ण – 250–500 मि.ग्रा. (सावधानीपूर्वक) बीज चूर्ण – 100–250 मि.ग्रा.
दन्तीवटी त्रिवृत लवण अरण्डदन्ती चूर्ण
दन्ती कटु तिक्ता लघु तीक्ष्णोष्णा कटुविपाका च। विरेचना कृमिनुत्ता कण्डू कुष्ठार्शसां नाशिनी॥ दन्ती तिक्तोष्णवातघ्नी कटुका दीपनी परा। भेदिनी रेचक़ी तीव्रा शोफगुल्मकफापहा॥
दन्ती
Wild Croton
Baliospermum montanum Muell.-Arg.
Euphorbiaceae