गठिया एवं संधिवात में लाभकारी
त्वचा रोग जैसे कुष्ठ, दाद, खुजली में उपयोगी
मूत्रविकार एवं मूत्र मार्ग की सूजन में सहायक
रक्तशोधन हेतु प्रभावी
यौन दुर्बलता एवं वीर्य दोष में लाभकारी
Useful Part
मूल (Root)
Doses
चूर्ण – 3–6 ग्राम
काढ़ा – 50–100 मिलीलीटर
Important Formulation
चोपचीनी चूर्ण
चोपचीनी वटी
संधिवातहर काढ़ा
Shloka
चोपचीनी कटु तिक्ता गुरु स्निग्धा उष्णवीर्या च कटुविपाका।
रक्तप्रसादिनी वातकफहृद्या कुष्ठार्शःशोथविषमज्वरघ्नी॥
चोपचीनीतुतिक्तोष्णारक्तदोषविनाशिनी।
कुष्ठहृद्रुग्णशूलघ्नीवातकफविनाशिनी॥