Diphyllum, Solanum nigrum var. diphyllum
छोटी झाड़ी, 0.5–1.5 मीटर ऊँची, तना और शाखायुक्त
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र; जंगल की किनारी, बंजर भूमि और रास्तों के पास
एल्कलॉइड्स, सैपोनिन्स, फ्लेवोनॉइड्स एंटीऑक्सीडेंट, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण
Rasa- कटु Guna- लघु, रसयुक्त Virya- उष्ण Vipaka- मधुर Karma- ज्वर नाशक, मूत्रवर्धक, त्वचा रोग निवारक Doshakarma- वात और कफ दोष संतुलक; पित्त पर हल्का प्रभाव
ज्वर और सूजन में उपयोगी त्वचा रोग जैसे खुजली, फोड़े-फुंसी में लाभकारी मूत्र विकार और अपच में सहायक चोट और सूजन निवारक
पत्तियाँ, फल, तना
पत्तियाँ और फल: 5–10 g काढ़ा या चूर्ण रस: 5–10 ml
पत्तियों और फलों का काढ़ा (ज्वर और त्वचा रोग में) रस और चूर्ण (सूजन और मूत्र विकार में)
“कटुकं हल्कं रसयुक्तं वातकफनाशकं च। सोलानम्पत्तिफलतना शरीरसुखप्रदम्॥”
नीला बैंजण, नीला टमाटर
Two-leaf Nightshade
Solanum diphyllum L.
Solanaceae