DEEN DAYAL KAMDHENU GOUSHALA SAMITI, FARAH, MATHURA
Kapoor tulasi
Classification
Synoyms
किलिमंजारक तुलसी, Karpoora Tulasi
Habit
सुगंधित झाड़ीदार पौधा, 0.5–1.5 मीटर ऊँचा, घने पत्तों वाला
Habitat
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र; बगीचों, खेतों और घरों में उगाया जाता है
Morphology
पत्तियाँ: लांबीदार, हरे, तीखी सुगंध वाली
फूल: छोटे, सफेद या हल्के बैंगनी
तना: रसयुक्त, हरा, मृदु
बीज: छोटे, काले
Chemical Composition
कैम्पफर, यूजेनॉल, टेरपेनॉइड्स
एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी यौगिक
Guna-Karma
Rasa- कटु, मधुर
Guna- लघु, रसयुक्त
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- ज्वर, श्वसन और पाचन रोग निवारक; त्वचा रोग निवारक
Doshakarma- वात और पित्त दोष संतुलक; कफ पर हल्का प्रभाव
Medicinal uses
ज्वर, खांसी और श्वसन रोग में उपयोगी पाचन सुधारने में सहायक
त्वचा रोग (खुजली, फोड़े) में लाभकारी
मानसिक ताजगी और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक
Useful Part
पत्तियाँ, फूल, बीज, तेल
Doses
पत्तियाँ: 5–10 g काढ़ा या चूर्ण
फूल: 2–5 g
बीज: 1–3 g
तेल: 1–2 ml, आयुर्वेदिक परामर्श अनुसार
Important Formulation
पत्तियों का काढ़ा (ज्वर और श्वसन रोग में)
तुलसी का तेल (त्वचा रोग और मालिश हेतु)
फूल और पत्तियों का रस (मानसिक ताजगी और पाचन में सहायक)