निम्बूक, मधुकर्कटी (क्षेत्रीय/साहित्यिक प्रयोग)
छोटा सदाबहार वृक्ष
उष्ण एवं उपोष्ण जलवायु; भारत, भूमध्यसागरीय क्षेत्र, दक्षिण एशिया
विटामिन-C, सिट्रिक एसिड, फ्लेवोनॉयड्स, पेक्टिन, आवश्यक तेल (लिमोनीन), शर्करा, खनिज लवण
Rasa- मधुर, अम्ल Guna- लघु, स्निग्ध Virya- शीत Vipaka- मधुर Karma- दीपन, पाचन, तृष्णानाशक, रक्तशोधक Doshakarma- पित्तशामक, वात-कफ को संतुलित करता है (अत्यधिक सेवन कफ बढ़ा सकता है)
पाचन शक्ति बढ़ाने में गर्मी, प्यास एवं थकान में विटामिन-C की कमी (स्कर्वी) में सहायक हल्के यकृत विकारों में उपयोगी मूत्रवर्धक व रक्तशोधक
फल, फल का रस, छिलका
ताजा रस: 10–20 ml (या चिकित्सक की सलाह अनुसार)
निम्बूक स्वरस, शरबत-ए-मौसमी (घरेलू प्रयोग)
“अम्लो मधुरसः शीतो दीपनः पित्तनाशनः। निम्बूकः कफवातघ्नः पाचनः तृष्णानाशनः॥
मौसमी, मीठा नींबू
Sweet Lime
Citrus limetta Risso
Rutaceae