HERBAL GARDEN

गंगपत्री (Gangapatri)

Classification

Synoyms

गंधपत्री, कृमिघ्नी, नागदौना, अफसंतीन

Habit

बारहमासी (Perennial) सुगंधित झाड़ीदार पौधा।

Habitat

यह पौधा हिमालयी क्षेत्रों, विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, उत्तराखंड और नेपाल में 1000–3000 मीटर की ऊँचाई तक पाया जाता है। यह ठंडी, शुष्क और पहाड़ी जलवायु में अच्छी तरह पनपता है।

Morphology

  • यह एक झाड़ीदार पौधा है जिसकी ऊँचाई लगभग 30–100 सेमी तक होती है।
  • तना सीधा, शाखायुक्त और धूसर-हरा होता है।
  • पत्तियाँ खंडित (deeply lobed), हरी-धूसर रंग की और हल्की रोएँदार होती हैं।
  • फूल छोटे, पीले या हल्के भूरे रंग के गुच्छों में लगते हैं।
  • इनसे हल्की सुगंध निकलती है।
  • फल सूखा, छोटा और बीजरहित (achene) होता है।

Chemical Composition

Volatile oils – Cineole, Thujone, Camphor, Borneol
Flavonoids – Quercetin, Rutin Sesquiterpene lactones
Tannins
Resins
Absinthin (bitter principle)

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- लघु, रूक्ष, तीक्ष्ण
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- दीपक, पाचक, कृमिघ्न, ज्वरहर, वात-कफहर, शोथहर, विषघ्न
Doshakarma- वात-कफ शामक

Medicinal uses

कृमि संक्रमण (Intestinal worms) में उपयोगी।
मंदाग्नि (loss of appetite) एवं अपच में लाभकारी।
ज्वर (विशेषकर intermittent fever) में प्रयुक्त।
त्वचा विकारों में बाह्य प्रयोग लाभकारी।
वातकफ विकारों, जैसे संधिवात, श्वास-कास आदि में लाभदायक।
इसके तेल का प्रयोग कीट-नाशक (insect repellent) के रूप में किया जाता है।

Useful Part

पत्तियाँ और पुष्प शिराएँ (Leaves and Flower tops)

Doses

चूर्ण: 1–3 ग्राम प्रति दिन
काढ़ा: 20–30 मिलीलीटर प्रति दिन
तेल (बाह्य प्रयोग): आवश्यकतानुसार

Important Formulation

अफसंतीन चूर्ण
नागदौन तेल
कृमिघ्न काढ़ा
वातहर लेप

Shloka

"तिक्तं कटु कषायं च लघु रूक्षं हि शोथहरम्।
कृमिघ्नं वातकफघ्नं गंधपत्र्यं प्रकीर्तितम्॥"

Hindi Name​

गंगपत्री / नागदौन / अफसंतीन

English Name

Gmelin’s Wormwood / Mugwort

Botanical Name

Artemisia gmelinii Webb. ex Stechmann

Family

Asteraceae (Compositae)

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