HERBAL GARDEN
हरित चंपा (Harit Champa)
Classification
Synoyms
हरिचंपक, पीतचंपा, गंधचंपा
Habit
यह एक सदाबहार (evergreen) झाड़ी या आरोही लता (climbing shrub) है।
Habitat
यह पौधा भारत के दक्षिणी और पूर्वी भागों में, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में पाया जाता है। यह उष्णकटिबंधीय जलवायु में बगीचों और जंगलों के किनारों पर सामान्यतः उगता है।
Morphology
- हरी चंपा का पौधा 6–8 मीटर तक ऊँचा होता है।
- इसके पत्ते गहरे हरे, चिकने और अंडाकार (elliptic) होते हैं।
- फूल पीले या हरे-पीले रंग के होते हैं, जिनमें छह मोटे और मांसल पंखुड़ियाँ होती हैं।
- फूलों से अत्यंत सुगंध आती है।
- फल लघु गुच्छों में उत्पन्न होते हैं, जो पकने पर काले रंग के हो जाते हैं।
- तना व पत्तियाँ चिकनी और मजबूत होती हैं।
Chemical Composition
Essential oils (chiefly containing sesquiterpenes and monoterpenes)
Linalool, β-caryophyllene, α-humulene, methyl benzoate
Alkaloids, Flavonoids, Tannins, और Resins
ये तत्व इसे सुगंधित, वातशामक और त्वचारोगहर गुण प्रदान करते हैं।
Guna-Karma
Rasa- तिक्त, मधुर
Guna- लघु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- वातपित्तशामक, हृदय्य (हृदय के लिए लाभकारी), दीपक, शोथहर, चर्मरोगहर
Doshakarma- वात-पित्त शामक
Medicinal uses
इसके फूलों का उपयोग अरोमाथेरेपी में तनाव, अनिद्रा और चिंता दूर करने के लिए किया जाता है।
पत्तों और फूलों का रस त्वचा रोगों एवं शोथ में उपयोगी है।
सिरदर्द, वातज विकार, तथा उच्च रक्तचाप में लाभकारी।
इसके फूलों से बना तेल सुगंधित औषधीय लेपों में उपयोगी होता है।
पत्तियों का काढ़ा कफज विकार और ज्वर में सहायक।
पारंपरिक रूप से इसे हृदय टॉनिक एवं रक्तशोधक माना गया है।
Useful Part
फूल, पत्ते, तेल
Doses
पुष्प रस या अर्क: 10–20 मि.ली.
चूर्ण (सूखे पुष्पों या पत्तियों का): 1–3 ग्राम
तेल (बाह्य प्रयोग हेतु): आवश्यकतानुसार
Important Formulation
चंपा तेल
गंध तेल
सुगंधित हृदय्य लेप योग
वातशामक तेल योगों में सह-घटक
Shloka
"हरिचंपकसुगंधं हृद्यं शीतलमुत्तमम्।
वातपित्तप्रशमनं रक्तपित्तहरं परम्॥"
Hindi Name
हरी चंपा / कान्ताली चंपा / हरिचंपा
English Name
Climbing Ylang-Ylang / Yellow Climbing Champa
Botanical Name
Artabotrys hexapetalus (Linn.) Bhandari
Family
Annonaceae
