HERBAL GARDEN

मूंगफली (Mungphali)

Classification

Synoyms

भूतफल, भूमिजा, भूपरिपक्वा

Habit

एक वार्षिक (annual) शाकीय पौधा

Habitat

उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में खेतों में उगाया जाने वाला पौधा; विशेष रूप से रेतयुक्त दोमट मिट्टी में अच्छी वृद्धि करता है।

Morphology

  • यह पौधा लगभग 30–60 सेमी ऊँचा होता है।
  • तना सीधा या फैला हुआ, पत्रक द्विपत्र (pinnate) होते हैं।
  • फूल पीले रंग के होते हैं और परागण के बाद फल भूमि के अंदर विकसित होता है।
  • फल फली के रूप में होता है, जिसमें 1–4 बीज (मूंगफली के दाने) पाए जाते हैं।
  • बीज में पतली लाल या भूरी झिल्ली होती है।

Chemical Composition

मूंगफली के बीज में लगभग 45–50% तेल, 25–30% प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन E, B-Complex, कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, और फोलिक एसिड पाए जाते हैं। इसमें ओलिक और लिनोलिक एसिड जैसे फैटी एसिड भी प्रचुर मात्रा में होते हैं।

Guna-Karma

Rasa- मधुर, कषाय
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- बल्य, वृष्य, वातहर, स्निग्धकारक, पोषक
Doshakarma- वातशामक, परंतु कफवर्धक

Medicinal uses

मूंगफली के बीज का सेवन शरीर को बल एवं पोषण देता है।
त्वचा को स्निग्ध बनाता है और शुष्कता दूर करता है।
वातजन्य रोगों में उपयोगी है।
मूंगफली का तेल त्वचा रोगों, वातविकारों एवं बालों के झड़ने में प्रयोगी है।
इसमें उपस्थित विटामिन E त्वचा की रक्षा करता है।
मूंगफली के तेल का प्रयोग मालिश में रक्तसंचार को सुधारने हेतु किया जाता है।

Useful Part

बीज (Seed), तेल (Oil)

Doses

बीज चूर्ण: 5–10 ग्राम
तेल: बाह्य प्रयोग हेतु आवश्यकतानुसार या आंतरिक रूप में 5–10 मिली

Important Formulation

मूंगफली तेलम
स्निग्ध अभ्यंग तेलों में आधार तेल के रूप में उपयोग

Shloka

"भूमिजं भूमिजं बीजं बल्यं वृष्यं तु शस्यते।
वातघ्नं स्निग्धमित्याहुः भूमिफलं मनःप्रियम्॥"

Hindi Name​

मूंगफली

English Name

Groundnut / Peanut

Botanical Name

Arachis hypogaea Linn.

Family

Fabaceae (Leguminosae)

Scroll to Top