मासिक धर्म की अनियमितता में
ऐंठन (uterine cramps) में
गर्भाशय संबंधी रोगों में
रक्ताल्पता (Anemia) में
दुर्बलता एवं थकान में
विरेचक एवं रक्तशोधक के रूप में
प्रसूति के बाद गर्भाशय को सामान्य करने में
वात एवं कफ विकारों में सहायक
Useful Part
मूल (Root) एवं छाल (Bark)
Doses
मूलचूर्ण: 2–5 ग्राम
काढ़ा (Decoction): 20–40 मिलीलीटर
सत्व या अर्क: चिकित्सक के परामर्शानुसार
Important Formulation
पिशाचकर्पास काढ़ा
पिशाचकर्पास अर्क
स्त्रीरोग हर चूर्ण
गर्भकारक योग