Rasa- अम्ल, मधुर
Guna- हल्का, स्निग्ध
Virya- शीतल
Vipaka- मधुर
Karma- वात-पित्त शमन,
पाचन सुधारक,
ज्वरनाशक,
रक्तशोधन,
मूत्रविकार नाशक
Doshakarma- वात और पित्त शामक,
कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
Medicinal uses
फल – पाचन सुधारक, वात और पित्त शमन, ज्वर में लाभकारी
बीज – मूत्रविकार और अपच में उपयोगी
पत्ते – ज्वर, वात-पित्त विकार में उपयोगी
छाल – रक्तशोधन और वातशामक
Useful Part
फल
बीज
पत्ते
छाल
Doses
फलों का रस या गूदा – 20–30 ml
बीज चूर्ण – 1–2 ग्राम
पत्ते का काढ़ा – 20–30 ml
छाल का काढ़ा – 20–30 ml
Important Formulation
इमली फलों का रस या गूदा (पाचन सुधारक और वात-पित्त शमन में)
बीज चूर्ण (मूत्रविकार और अपच में)
पत्ते का काढ़ा (ज्वर और वात-पित्त विकार में)
Shloka
अम्लफलमितिः पाचकं वातपित्तशामकम्।
रक्तशोधनं च ज्वरहरं च सदा हि।।