Rasa- कटु, मधुर
Guna- हल्का, सुखद
Virya- शीतल
Vipaka- मधुर
Karma- वात-पित्त नाशक,
हृदय शान्ति,
व्रणरोपक,
रोगप्रतिरोधक,
बल्य
Doshakarma- वात और पित्त शामक,
कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
Medicinal uses
फूल – हृदय शान्ति, सुगंध और वात-पित्त नियंत्रक
पत्ते – ज्वर, पेटदर्द और वातशामक
जड़ – वात और पित्त विकार में लाभकारी
रस – व्रणरोपक और त्वचा रोगों में उपयोगी
सजावटी और औषधीय दोनों उद्देश्यों के लिए प्रयोग
Useful Part
फूल
पत्ते जड़
फल
Doses
पत्ते का काढ़ा – 20–30 ml
फूल रस – 5–10 ml
फल – आवश्यकता अनुसार
जड़ काढ़ा – 20–30 ml
Important Formulation
मधुकामिन्याः पुष्पं सुगन्धितं वातपित्तहरम्।
व्रणरोपकं बल्यं च हृदयशान्तिकरं परम्।।