रुग्मिणी रक्तपुष्पा पुष्पावती
बहु वर्षायु सदाबहार झाड़ी (Shrub)
भारत के उष्णकटिबंधीय और उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में बाग-बगिचों में पाया जाता है।
Flavonoids Tannins Alkaloids TerpenoidsSaponins Anthocyanins Phenolic compounds
Rasa- तिक्त, कषाय Guna- लघु, रूक्ष Virya- शीत Vipaka- कटु Karma- रक्तशोधक, व्रणरोपण, शोथहर, ज्वरघ्न Doshakarma- पित्तशामक, रक्तदोषशामक
रक्तविकार अतिसार त्वचारोग व्रण व अल्सर मुखपाक ज्वर शोथ रक्तस्राव
पुष्प, पत्र, मूल (फूल, पत्तियाँ, जड़ें)
पुष्पचूर्ण – 1–2 ग्राम काढ़ा – 20–30 ml स्वरस – 5–10 ml
रुग्मिणी रक्तवर्णाया व्रणशोधनकारिणी। पित्तश्लेष्मविकारघ्नी तिक्तोष्णा शीतवीर्यका॥
रूक्मणी, रुग्मिणी, रुग्मिणीपुष्प
Jungle Flame, Flame of the Woods, Jungle Geranium
Ixora coccinea L.
Rubiaceae