HERBAL GARDEN

सप्तचक्र

Classification

Synoyms

सप्तचक्र
पीतसार
वत्सादनी
कोरंता
कोलावेला

Habit

झाड़ी या लता (Woody climbing shrub)

Habitat

भारत में विशेषकर पश्चिमी घाट, असम, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, बंगाल, केरल, तमिलनाडु एवं श्रीलंका, बांग्लादेश, थाईलैंड आदि देशों में पाई जाती है।

Morphology

  • पौधा एक सदाबहार काष्ठीय लता है।
  • पत्तियाँ साधारण, विपरीत, अंडाकार एवं हरी चमकदार होती हैं।
  • फूल छोटे, पीले-सफेद रंग के होते हैं।
  • फल गोलाकार, पीताभ (पीले) रंग के, रसयुक्त एवं बीज युक्त होते हैं।
  • जड़ मोटी, पीतवर्णी एवं औषधीय गुणों से युक्त होती है।

Chemical Composition

प्रमुख ग्लाइकोसाइड्स – Salacinol, Kotalanol
Mangiferin, Tannins, Polyphenols
Flavonoids, Alkaloids
Catechins, Saponins

Guna-Karma

Rasa- कटु, तिक्त, कषाय
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- मेहघ्न (Antidiabetic), स्थूलहर (Anti-obesity), दीपनीय (Digestive stimulant), पाचनीय (Carminative), कृमिघ्न (Anthelmintic), रुधिरशोधक (Blood purifier)
Doshakarma- कफ-वात शामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

मधुमेह (Diabetes mellitus)
स्थूलता (Obesity)
कृमिरोग (Helminthiasis)
अर्श (Piles)
चर्मरोग (Skin diseases)
रक्तदोष (Blood disorders)
ज्वर एवं पाचन विकार
व्रणशोधन एवं व्रणरोपण

Useful Part

मूल (Root), काण्ड (Stem), पत्र (Leaves)

Doses

काढ़ा (Decoction) – 25–50 ml
चूर्ण (Powder) – 3–6 gm
घनसार / अर्क – चिकित्सक के निर्देशानुसार

Important Formulation

सप्तचक्रादि चूर्ण
मेहान्तक चूर्ण
सप्तचक्र क्वाथ
मधुमेहहर योग

Shloka

"सप्तचक्रं कटुतिक्तरसं लघुरुष्णकम्।
कफवातहरं ज्ञेयं मेहकृच्छ्रप्रणाशनम्॥"
"सप्तचक्रंकटुंतिक्तंलघुरूक्षंकषायकम्।
मेहकृच्छ्रहरंदीपनंपाचनंकफपित्तनुत्॥" (भैषज्यरत्नावली/निघण्टुग्रंथोंसेसाभार)

Hindi Name​

सप्तचक्र, पीतसार

English Name

Salacia, Chinese Salacia

Botanical Name

Salacia chinensis

Family

Celastraceae

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