गंधप्रसारिणीं गंधवेली महाकुली कृमिविनाशिनी वातहर
बहुवर्षीय चढ़ने वाली लता (Perennial climber)
भारत में पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर पूर्व और दक्षिण भारत में पाया जाता है। यह झाड़ियों और बगीचों की मेड़ पर स्वाभाविक रूप से उगता है।
Alkaloids Saponins Tannins Flavonoids Phenolic compounds Volatile oils Paederoside (glycoside)
Rasa- कटु, तिक्त Guna- लघु, रूक्ष Virya- उष्ण Vipaka- कटु Karma- ज्वरघ्न, रक्तशोधक, कृमिघ्न, वातहर, मूत्रविकारशामक, शोथहर Doshakarma- वात और पित्त शामक
ज्वर (विशेषकर वातज्वर) कृमिरोग मूत्रविकार वातज दर्द व सूजन रक्तपित्त त्वचाविकार उदर रोग
लता (चाल), पत्ते, जड़
क्वाथ: 30–50 ml चूर्ण: 3–6 gm स्वरस: 10–15 ml
गंधप्रसारिणीद्रव वातहर क्वाथ रक्तशोधक योग
गंधप्रसारिणीं तिक्तकटुर्वातशामकः। ज्वरकृमिविनाशिनी रक्तशोधनं कुरुते॥ "गन्धप्रसारिणीतीक्ष्णालघ्वीतिक्ताकटुस्मृता। वातशूलहराज्ञेयाबलाहन्ति च गुल्मनुत्॥" (भावप्रकाशनिघण्टु)
गंधप्रसारिणीं, गंधवेली
Stinkvine, Skunkvine
Paederia foetida Linn.
Rubiaceae