समुद्र तटीय क्षेत्रों, बाग-बगीचों एवं मंदिरों के समीप उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय प्रदेशों में उगता है। भारत में दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, उड़ीसा और बंगाल में प्रचुरता से पाया जाता है।
त्वचा विकार (कुष्ठ, श्वित्र, दाद)
रक्तपित्त और रक्तदोष
जलन और दाह व्रण (घाव) और फोड़े
अतिसार, आमवात, शोथ
नेत्र रोग (फूल का प्रयोग)
यकृत विकारों में लाभकारी
Useful Part
छाल, पत्ते, फूल, बीज
Doses
क्वाथ (Decoction): 30–50 मिली
चूर्ण: 3–6 ग्राम
स्वरस (Juice): 10–15 मिली
कल्क (Paste): बाह्य प्रयोग
Important Formulation
पारीष क्वाथ
पारीषादि लेप
व्रणशोधन औषधियों में प्रयोग