HERBAL GARDEN

मुद्गपर्णी

Classification

Synoyms

मुद्गपर्णी
मूँगपर्णी
त्रिकल्पिका

Habit

वार्षिक या द्विवार्षिक बेलदार पौधा

Habitat

भारत के उपोष्णकटिबंधीय और शुष्क क्षेत्रों में सामान्य। इसे खेतों, झाड़ियों और मार्ग किनारे उगते हुए देखा जा सकता है।

Morphology

  • तना (Stem): बेलनाकार, मृदु, लता जैसी बढ़ने वाली
  • पत्ते (Leaves): त्रिकर्णीय, हरे, मुलायम
  • फूल (Flowers): छोटे, पीले या सफेद, गुल्मों में उगते
  • फल (Pods): लम्बे, पतले, हरे और बीज युक्त
  • बीज (Seeds): छोटे, हरे या भूरे

Chemical Composition

प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट
फ्लेवोनॉयड्स
सैपोनिन्स
मिनरल्स (Ca, K, Mg)
फाइबर और स्टार्च

Guna-Karma

Rasa-मधुर
Guna- हल्का, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma- रवातकफशामक, मूत्रविकारनिवारक, पाचन सुधारक, बल्यवर्धक
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्त नियंत्रक

Medicinal uses

मूत्रविकार (दुर्दर्श, मूत्रकृच्छ्र) में उपयोगी
कब्ज और अपच में लाभकारी
वात-कफ विकार, जोड़ों और स्नायु रोग में सहायक
कमजोरी और बलहानि में बल्यवर्धक
त्वचा रोगों में बाह्य उपयोग

Useful Part

पत्ते, फल, बीज

Doses

पत्ती क्वाथ- 20–50 मिलीलीटर
बीज चूर्ण- 2–5 ग्राम
बाह्य लेप- आवश्यकतानुसार

Important Formulation

मुद्गपर्णी क्वाथ
बृंहणीय और वातकफशामक योग
मूत्रविकार निवारक मिश्रण

Shloka

मुद्गपर्णी वातकफशामक बल्यदायक।
मूत्रविकारशमन, पाचन सुधायक च शोथहर॥
"मुद्गपर्णीतुबलदातृष्णाशान्तिकरीस्मृता।
वातपित्तहराप्रोक्तादाहशोषहरापरा॥" (भावप्रकाशनिघण्टु)

Hindi Name​

मुद्गपर्णी, मूँगपर्णी

English Name

Wild Black Gram, Three-lobed Bean

Botanical Name

Phaseolus trilobus Roxb.

Family

Fabaceae (Leguminosae)

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