भारत में उपोष्णकटिबंधीय और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है। यह बाग-बगिचों, सड़क किनारों और झाड़ियों में उगती है। श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण-एशिया के अन्य देशों में भी सामान्य है।
वीर्यक्षय और शुक्रदोष में वृष्य
हृदय दुर्बलता, मानसिक तनाव, अनिद्रा में हृद्य
मूत्रविकार, मूत्रकृच्छ्र में मूत्रल
वात-कफ विकार, जोड़ों के दर्द में लाभकारी
बीज सुगंधित, तैल एवं औषधीय उपयोग में