HERBAL GARDEN

कोकिलाक्ष

Classification

Synoyms

कोकिलाक्ष
तालमखाना
इन्द्रवारुणी
जलकोकिलाक्ष
गोकर्णिका

Habit

शाकीय पौधा, आर्द्रभूमि में उगने वाला वार्षिक/बहुवर्षीय

Habitat

भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार आदि देशों में जलाशयों, नालों, धान के खेतों और दलदली भूमि में पाया जाता है।

Morphology

  • तना (Stem): सीधा, शाखायुक्त, 60–90 सेमी ऊँचा।
  • पत्ते (Leaves): लम्बे, भालाकार, रोमहीन, विपरीत रूप से स्थित।
  • फूल (Flowers): नीले-बैंगनी रंग के, एकल या गुच्छों में।
  • फल (Fruits): कैप्सूल आकार के, जिसमें छोटे बीज रहते हैं।
  • बीज (Seeds): छोटे, भूरे, चिपचिपे, औषधीय दृष्टि से विशेष महत्त्वपूर्ण।

Chemical Composition

अल्कलॉइड्स (Asteracanthine)
फ्लेवोनॉयड्स
फाइटोस्टेरॉल्स
ग्लाइकोसाइड्स
टैनिन
बीजों में म्यूसिलेज व प्रोटीन
खनिज तत्व (Ca, P, Fe)

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- कृबल्य, वृष्य, शुक्रल, मूत्रल, यकृतशोधक, ज्वरहर, दाहशामक, शोथहर
Doshakarma- पित्त व कफ शामक, वात वृद्धि करता है (अत्यधिक उपयोग में)

Medicinal uses

प्रमेह, मूत्रकृच्छ्र एवं मूत्रविकारों में उपयोगी
शुक्रक्षय, नपुंसकता व वीर्यदोष में वृष्य
पीलिया, यकृत रोग एवं प्लीहा रोगों में लाभकारी
शोथ, जलोदर व सूजन में प्रयोग
दाह, रक्तपित्त व तृष्णा में उपयोगी
बल्य एवं पौष्टिक टॉनिक के रूप में

Useful Part

बीज (मुख्य), पत्ते, मूल

Doses

बीज चूर्ण : 3–6 ग्राम
क्वाथ : 40–80 मिलीलीटर
बीजों का फांटा : 20–50 मिलीलीटर

Important Formulation

तालमखाना बीज चूर्ण
तालमखानादि योग
वृष्य औषधियों में सम्मिलित

Shloka

कोकिलाक्षो हि मधुरः शीतलो बलवर्धनः।
शुक्रलः पित्तकृत्सर्वमूत्रकृच्छ्रप्रणाशनः॥
"कोकिलाक्षस्तुतिक्तश्चकटुकोग्राहिकोगुरु।
वृष्यश्चमूत्रलःश्रेष्ठःशोथपित्तविनाशनः॥"
(Reference – Bhavaprakasha Nighantu)

Hindi Name​

कोकिलाक्ष, तालमखाना, गोकुलकांता

English Name

Long-leaved Barleria, Kokilaksha, Water-purslane

Botanical Name

Asteracantha longifolia Sm. (Syn. Hygrophila auriculata)

Family

Acanthaceae

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