HERBAL GARDEN
हलदू (Haldu)
Classification
Synoyms
धाराकदम्ब (Dharakadamba
गिरिकदम्ब (Girikadamba
हरिद्रक (Haridraka
नीप (Nipa)
Habit
यह एक सदाबहार, विशाल वृक्ष है जो 18-30 मीटर तक ऊँचा होता है।
Habitat
हलदू भारत के आर्द्र और शुष्क वन क्षेत्रों में पाया जाता है। यह विशेष रूप से उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगता है।
Morphology
- पत्तियाँ (Leaves): बड़ी, दिल के आकार की, विपरीत स्थित, 8-20 सेमी लंबी।
-
फूल (Flowers): पीले रंग के, गोलाकार पुष्पगुच्छों में, 15-20 मिमी व्यास वाले।
- फल (Fruits): लंबे, दो-बीजपत्रीय, रेशेदार, छोटे बीजों वाले।
Chemical Composition
इंडोल एल्कलॉइड्स
टैनिन्स
उर्सोलिक एसिड
क्वेरसेटिन
फेनोल्स और फ्लेवोनॉइड्स
सैपोनिन्स, टेरेपेनॉइड्स, और कार्डियक ग्लाइकोसाइड्स
Guna-Karma
Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- गुरु , शीता
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- विषघ्न, रक्तविकारहर, शीतल
Doshakarma- पित्त और कफ को शांत करने वाला
Medicinal uses
दस्त और अतिसार (Diarrhea and Dysentery): मूल का काढ़ा 50-100 मि.ली. सेवन करें।
खांसी और दमा (Cough and Asthma): पत्तियों का काढ़ा श्वसन तंत्र को शुद्ध करता है।
बुखार (Fever): पित्तजन्य बुखार में शीतल प्रभावी।
विषैले दंश (Poisonous Bites): मकड़ी या बिच्छू के काटने पर पत्तियों का लेप करें।
घाव और जलन (Wounds and Burns): पत्तियों का लेप घावों और जलन में लाभकारी।
मासिक धर्म विकार (Menstrual Disorders): पत्तियों का काढ़ा मासिक धर्म में अनियमितता को सुधारता है।
पाचन समस्याएँ (Digestive Issues): पाचन क्रिया को सुधारने में सहायक।
Useful Part
पौधे के सभी भागों का उपयोग किया जाता है, विशेष रूप से पत्तियाँ और मूल।
Doses
पत्तियों का काढ़ा: 50-100 मि.ली.
पत्तियों का लेप: स्थानीय उपयोग के लिए।
पाउडर: 2-4 ग्राम, शहद या घी के साथ।
Important Formulation
मुक्तापंचामृत रसा (Muktapanchamrita Rasa): रक्त विकारों के लिए।
स्वर्णभूपति रसा (Swarnabhupati Rasa): सामान्य स्वास्थ्य के लिए।
Shloka
"त्रिपर्णिका हंसपदी रक्तपित्तविनाशिनी।
Hindi Name
हलदू, हेडी, कदमी
English Name
Yellow Teak, Saffron Teak
Botanical Name
Adina cordifolia (Roxb.) Benth. & Hook. f.
Family
Rubiaceae (मंजिष्ठा कुल)
