Rasa- कटु, कषाय
Guna- हल्का, सुखद
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- वात-पित्त शमन,
श्वसन रोग निवारक,
जोड़ों के दर्द में लाभकारी,
मूत्रविकार निवारक,
रक्तशोधन
Doshakarma- वात और पित्त शामक,
कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
Medicinal uses
पत्ते – वात और पित्त विकार, जोड़ों के दर्द में उपयोगी
तना – मूत्रविकार और श्वसन रोग निवारक
फूल – ज्वर और सूजन कम करने वाला
अर्क – रक्तशोधन और वात-पित्त शमन
Useful Part
पत्ते
तना
फूल
Doses
पत्ते का रस या काढ़ा: 10–20 ml
तना का अर्क: 5–10 ml
फूल का काढ़ा: 5–10 ml
Important Formulation
कालावासा पत्ते का रस (वात-पित्त विकार और जोड़ों के दर्द में)
तना और फूल का काढ़ा (श्वसन रोग और मूत्रविकार में)
Shloka
कालावासापत्रं वातपित्तशामकम्।
श्वसनरोगनाशकं मूत्रविकारहरं च सदा।।