पद्मक पद्मकशिरीष पद्मप्रभा
मध्यम आकार का, पर्णपाती वृक्ष
हिमालय क्षेत्र (1000–2400 मी.) में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। नेपाल, भूटान और उत्तर भारत में सामान्य।
फ्लेवोनॉयड्स (क्वेरसेटिन, कैम्पफेरॉल) सायनोजेनिक ग्लाइकोसाइड्स टैनिन्स कार्बोहाइड्रेट्स वाष्पशील तेल
Rasa- कषाय, मधुर Guna- लघु, रुक्ष Virya- शीत Vipaka- कटु Karma- रक्तशोधन, ज्वरहर, शोथहर, मूत्रल, पित्तशामक Doshakarma- पित्तशामक, रक्तपित्तहर, कफनाशक
रक्तपित्त और शोथ में उपयोगी ज्वर और मूत्रविकारों में लाभकारी त्वचा रोगों और रक्तशोधन हेतु प्रयुक्त शीतल और दाहनाशक
छाल, पत्ते, फूल, फल
क्वाथ : 30–50 मिलीलीटर चूर्ण : 2–5 ग्राम फूल/फल का सेवन : आवश्यकता अनुसार
पद्मकादि चूर्ण रक्तपित्तहर योग दाहनाशक मिश्रण
पद्मकं शीतलं रक्तपित्तदाहप्रणाशनम्। शोथज्वरहरं चैव पित्तकफविनाशनम्॥ "पद्मकंशीतलंतिक्तंकषायंरक्तपित्तनुत्। कुष्ठकण्डूप्रमेहघ्नंतदाशोथव्रणापहम्॥" (भावप्रकाशनिघण्टु)
पद्मक, पहाड़ी चेरी
Wild Himalayan Cherry
Prunus cerasoides Buch.-Ham. ex D.Don
Rosaceae