भारत में गंगा-यमुना के मैदानों, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार आदि राज्यों में नदी तट, आर्द्रभूमि एवं रेतीली जगहों पर प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
मूत्रकृच्छ्र एवं मूत्ररोगों में लाभकारी
रक्तपित्त एवं अतिसार में उपयोगी
पित्तजन्य ज्वर एवं तृष्णा निवारण
मूत्रल एवं शीतल प्रभाव दाह, शोथ और रक्तविकारों में