HERBAL GARDEN
श्वेत बबूल
Classification
Synoyms
श्वेत बबूल
शुभ्र बबूल
धवल कीकर
रेवड़ वृक्ष
Habit
मध्यम आकार का पतझड़ी वृक्ष (Deciduous tree), 10–15 मीटर ऊँचा।
Habitat
भारत के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में सामान्यतः पाया जाता है- विशेषकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, और दक्षिण भारत के शुष्क भागों में।
Morphology
- तना (Stem): मोटा, सफेद या धूसर छाल वाला।
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पत्तियाँ (Leaves): संयुक्त (bipinnate), छोटी, हरित और बारीक पत्रकों वाली।
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काँटे (Thorns): युग्मित (paired), तीक्ष्ण और छोटे।
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फूल (Flowers): छोटे, गोलाकार, सफेद या पीले-सफेद रंग के गुच्छों में।
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फल (Pods): सपाट, भूरे, बीजयुक्त फलियाँ।
- बीज (Seeds): कठोर और चपटे।
Chemical Composition
टैनिन (Tannins), फ्लावोनोइड्स (Flavonoids), गम-अरेबिक (Gum), सैपोनिन्स (Saponins), स्टेरॉल्स (Sterols), एल्ब्यूमिनॉइड्स और रेजिन्स
Guna-Karma
Rasa- कषाय, तिक्त
Guna- गुरु, रूक्ष
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- संकोचक, रक्तशोधक, व्रणरोपक, दंत्य (दाँतों को दृढ़ करने वाला), कफ-वात शामक, अतिसारहर
Doshakarma- कफ-वात शामक
Medicinal uses
मुखदुर्गंध और मसूड़ों की सूजन में कुल्ला हेतु
अतिसार (Diarrhea) और रक्तातिसार में
घावों पर लेप हेतु
त्वचा रोगों में
रक्तशोधन में
बाल झड़ने और सिर के रोगों में
व्रण (घाव) शोधन और व्रणरोपण में
गले के संक्रमण में काढ़ा लाभदायक
Useful Part
छाल, गोंद, पत्तियाँ, फल
Doses
छाल का काढ़ा: 20–40 मिलीलीटर
छाल चूर्ण: 3–5 ग्राम
गोंद (गुंद): 1–2 ग्राम, दूध या पानी में
Important Formulation
बबूल छाल काढ़ा
बबूल गोंद पाक
बबूल मंजन (दंत रोगों हेतु)
बबूलादि क्वाथ
खदिरारिष्ट (समान गुणधर्म वाला योग)
Shloka
बबूलो वृक्षो विषदोषहारी कफवातहरोऽपि च।
रक्तशोधकश्चैव व्रणरोपणकारकः॥
Hindi Name
श्वेत बबूल, सफेद कीकर, रेवड़, सफेद बबूल
English Name
White Babul, White Barked Acacia
Botanical Name
Acacia leucophloea (Roxb.) Willd
Family
Mimosaceae (Fabaceae)
