अतिबला, बलिका, वीर्या
एकवर्षीय शाकीय पौधा
उष्ण एवं समशीतोष्ण क्षेत्र; भारत में खेतों, सड़कों के किनारे एवं परती भूमि में
म्यूसीलेज फ्लेवोनॉयड्स एल्कलॉइड्स फिनॉलिक यौगिक ग्लाइकोसाइड्स
Rasa- मधुर Guna- गुरु, स्निग्ध Virya- शीत Vipaka- मधुर Karma- बल्य, बृंहण, वातशामक, मूत्रल, शोथहर Doshakarma- वात पित्त शमन
वातविकार एवं संधिशूल शारीरिक दुर्बलता मूत्रदाह एवं मूत्रकृच्छ्र शोथ एवं सूजन स्तन्यवृद्धि में सहायक
मूल, पत्तियाँ, बीज
चूर्ण – 3–6 ग्राम क्वाथ – 40–80 मि.ली.
अतिबला चूर्ण बल्य घृत दशमूल क्वाथ (सहयोगी द्रव्य)
“अतिबला बलकरी स्निग्धा मधुरा वातनाशिनी।”
अतिबला (स्थानीय रूप से), कांटीली बल
Velvetleaf, Indian Mallow
Abutilon theophrasti Medik.
Malvaceae