सागवान शाक तक्षक
मध्यम से बड़ा पर्णपाती वृक्ष, 30–40 मीटर ऊँचा
उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सामान्य। भारत में विशेषकर मध्य और दक्षिण भारत के जंगलों में पाया जाता है।
टैनिक एसिड फ्लेवोनॉइड्स लिग्निन और हार्डवुड तत्व मिनरल्स (कैल्शियम, पोटैशियम) एंटीऑक्सीडेंट यौगिक
Rasa- कटु, कषाय Guna- गंभीर, सुखद Virya- शीतल Vipaka- कटु Karma- वात और पित्त शमन, रक्तशोधन , व्रण निवारक, हृदय स्वास्थ्यवर्धक Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
छाल – वात और पित्त विकार, त्वचा रोग, ज्वर नाशक पत्ते – वातपित्त शमन, ज्वर में उपयोगी लकड़ी – व्रण उपचार में औषधीय रूप से उपयोगी
पत्ते छाल लकड़ी
पत्ते का रस या काढ़ा – 20–30 ml छाल काढ़ा – 20–30 ml लकड़ी का अर्क – आवश्यकता अनुसार
शाक पत्ते का काढ़ा (ज्वर और वात-पित्त विकार में) छाल का काढ़ा (त्वचा रोग और व्रण में)
शाकवृक्ष छालं वातपित्तशामकं हि। व्रणनाशकं त्वचारोगनाशकं च सदा।।
शाक, साग, सागवान
Teak
Tectona grandis L. f.
Lamiaceae (पूर्व में Verbenaceae)