Rasa- मधुर, अम्ल
Guna- स्निग्ध, शीतल, पिच्छिल
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- तृषाहर, पित्तशामक, हृद्य, पाचक, रक्तशुद्धिकर, बल्य, त्वच्य
Doshakarma- वात-पित्त शामक, कफवर्धक नहीं (यदि अधिक सेवन न किया जाए)
Medicinal uses
तृषा, अतिसार में – मोसम्बी का रस लाभकारी
पाचनवृद्धि – मधुर रस और पेक्टिन से पाचन सुधरता है
रक्ताल्पता – विटामिन C से लौह अवशोषण में सहायक
त्वचा विकार – बाह्य व आंतरिक उपयोग से लाभ
थकावट व निर्बलता में – ताजगी, ऊर्जा व हृदय को बल देने वाला
पायरिया / मुँह के रोग – रस से कुल्ला करना लाभदायक
Useful Part
फल, रस, छिलका
Doses
रस – 50–100 ml (ताजे फल का)
छिलका चूर्ण (सूखा) – 1–3 gm (पाचन में)