कास, श्वास, दमा, जुकाम में उपयोगी
व्रण शोधन व रोपण में बाह्य उपयोग
अर्श, कृमि एवं आमवात में लाभदायक
भूख बढ़ाने व पाचन सुधारने में सहायक
सुगंध द्रव्य के रूप में इत्र व धूप निर्माण में उपयोगी
Useful Part
मूल (rhizome)
Doses
चूर्ण: 1–3 ग्राम
क्वाथ: 50–100 मि.ली.
Important Formulation
दशमूलारिष्ट
शठ्यादि चूर्ण शटी क्वाथ
वातचिंतामणि रस
Shloka
शटी कटु तिक्ता हृद्योष्णा दीपनपाचनम्।
श्वासकासकृमिघ्नी च शोथार्शःकफनाशिनी॥