पत्राङ्ग पतंग रक्तसार श्वेतपत्राङ्ग रक्तकाष्ठ
मध्यम आकार का कंटीला वृक्ष
भारत में असम, बंगाल, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश तथा उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में पाया जाता है। श्रीलंका, मलेशिया और बर्मा में भी सामान्य है।
Brazilin (रक्तवर्ण देने वाला मुख्य घटक) Sappanins Phenolic compounds Tannins Flavonoids Alkaloids Essential oils
Rasa- तिक्त, कषाय Guna- लघु, रूक्ष Virya- शीत Vipaka- कटु Karma- रक्तशोधक, स्तम्भक, ज्वरघ्न, शोथहर, स्त्रावनिरोधक, व्रणरोपण Doshakarma- पित्त-कफ शामक
रक्तपित्त अतिसार, प्रवाहिका श्वेतप्रदर स्त्रावरोध ज्वर एवं शोथ व्रण एवं त्वकदोष प्रसूति पश्चात दुर्बलता कुष्ठ रोग
काष्ठ (लकड़ी), मूल
क्वाथ: 30–50 ml चूर्ण: 3–6 gm कल्क: 5–10 gm
पत्राङ्गासव पत्राङ्गादि क्वाथ पत्राङ्गादि लTail
पत्राङ्गं तिक्तकषायं शीतलं रक्तपित्तनुत्। अतिसारप्रशमनं शोथज्वरविनाशनम्॥ "पत्राङ्गंकटुतिक्तं च मधुरंरक्तशोधनम्। स्तम्भनंज्वरघ्नं च व्रणमेहास्रनाशनम्॥" (भावप्रकाशनिघण्टु)
पत्राङ्ग, पतंग, सपानवुड
Sappan wood, Indian redwood
Caesalpinia sappan Linn.
Fabaceae (Caesalpiniaceae)