HERBAL GARDEN

चीकू

Classification

Synoyms

सपोटा
मधुरफल
शीतफल

Habit

मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष

Habitat

यह उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों का वृक्ष है। भारत में महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु में इसकी व्यावसायिक खेती होती है।

Morphology

  • ऊँचाई: लगभग 8–15 मीटर
  • तना: सीधा, भूरे रंग का
  • पत्ते: गहरे हरे, भालाकार, चमकदार
  • फूल: छोटे, सफेद रंग के, एकाकी या गुच्छों में
  • फल: गोलाकार अथवा अंडाकार, भूरे छिलके वाले, अंदर गूदा मीठा और रसदार
  • बीज: काले-भूरे, चपटे, चमकदार, कठोर

Chemical Composition

शर्करा (Sucrose, Glucose, Fructose)
विटामिन C)
प्रोटीन, फाइबर)
खनिज (कैल्शियम, फॉस्फोरस, आयरन, पोटैशियम) )
टैनिन (छाल व कच्चे फलों में) )
सैपोनिन्स, फ्लेवोनॉयड्स)
वसा और प्रोटीन (बीजों में)

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त (छाल व बीज)
Guna- गुरु, स्निग्ध, शीतल
Virya- शीतल
Vipaka- मधुर
Karma- बल्य, रक्तवर्धक, दाहशामक, तृष्णानाशक, अतिसारहर (बीज व छाल) , व्रणरोपण
Doshakarma- पित्तशामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)

Medicinal uses

फल – शीतल, पौष्टिक, रक्तवर्धक, तृष्णा नाशक
छाल का काढ़ा – अतिसार, रक्तपित्त, व्रण में
बीज चूर्ण – मूत्रविकार, कृमिनाशक
कच्चा फल – दस्त और अतिसार में लाभकारी
पका फल – बल्य, वात-पित्त शामक

Useful Part

फल
बीज
छाल

Doses

बीज चूर्ण – 1–2 ग्राम
छाल काढ़ा – 20–30 ml
फल (आहार रूप में) – आवश्यकता अनुसार

Important Formulation

चीकू बीज चूर्ण (अतिसार व कृमि रोगों में)
छाल काढ़ा (अतिसार व रक्तपित्त में)

Shloka

सपोटं मधुरं शीतं तृष्णादाहविनाशनम्।
बल्यं रक्तविवर्ध्यं च पित्तशोषहरं परम्।।

Hindi Name​

चीकू, सपोटा, सपोटा फल

English Name

Sapodilla, Naseberry

Botanical Name

Achras zapota Linn. (Syn. Manilkara zapota)

Family

Sapotaceae

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