HERBAL GARDEN

रक्तक्षीरचंपा

Classification

Synoyms

लाल चंपा
रक्तचंपा
क्षीरचंपा

Habit

मध्यम आकार का झाड़ीदार वृक्ष, 3–5 मीटर तक ऊँचा

Habitat

उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में बाग-बगिचों, मंदिरों और सड़क किनारे सजावटी रूप से उगाया जाता है।

Morphology

  • ऊँचाई: 3–5 मीटर
  • तना: हरा, मांसल और दूधनुमा रसयुक्त
  • पत्ते: लम्बे, अंडाकार, हरे, चमकदार
  • फूल: लाल या गुलाबी, सुगंधित, गुच्छों में
  • फल: लम्बे, स्लेंडर, हरे या पीले, बीजवाले
  • बीज: लम्बे, पतले, पंखों वाले

Chemical Composition

अल्कालॉइड्स
फ्लेवोनॉइड्स
सैपोनिन्स
स्टेरॉइड्स
एंटीऑक्सीडेंट यौगिक
दूधनुमा रस में ल्यूसिन और आइसोफ्लावोन

Guna-Karma

Rasa- कषाय, कटु
Guna- हल्का, सुखद
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- वात-पित्त शमन, व्रणरोपक, त्वचा रोग नाशक, बल्य व रोग प्रतिरोधक
Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)

Medicinal uses

फूल – वात-पित्त शमन, त्वचा रोग, व्रणरोपण
पत्ते – सूजन, त्वचा रोग और ज्वर में लाभकारी
छाल – वातज रोग, ज्वर और शीतलता देने में उपयोगी
रस – वातज रोग, त्वचा रोग और सूजन में प्रयोग

Useful Part

फूल
पत्ते
छाल
दूधनुमा रस

Doses

पत्ते का काढ़ा – 20–30 ml
फूल रस – 5–10 ml
छाल का काढ़ा – 20–30 ml
दूधनुमा रस – आवश्यकता अनुसार

Important Formulation

रक्तक्षीरचंपा फूल का रस (त्वचा रोग और वातज रोग)
पत्ते का काढ़ा (सूजन और ज्वर में)

Shloka

रक्तचंपापुष्पं वातपित्तशामकं हि।
व्रणरोपकं बल्यं च त्वचारोगनाशकं च।।
"रक्तचंपकंतिक्तंलघुरूक्षंकषायकम्।
ज्वरकृमिविनाशायशोथव्रणनिवारणम्॥"

Hindi Name​

रक्तक्षीरचंपा, लाल चंपा

English Name

Red Frangipani, Red Champa

Botanical Name

Plumeria rubra L.

Family

Apocynaceae

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