पुत्रंजीवक पुत्रक वीर्यवर्धक संतानप्रदायक
मध्यम से बड़े आकार का वृक्ष
भारत के कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के जंगलों में पाया जाता है। यह शुष्क और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बढ़ता है।
Alkaloids Flavonoids Tannins Saponins Phenolic compounds Essential oils
Rasa- कटु, मधुर Guna- स्थूल, स्निग्ध Virya- उष्ण Vipaka- मधुर Karma- वीर्यवर्धक, पुत्रसुखदायक, वातशामक, मूत्रल, हृदयबलवर्धक, रक्तशोधक Doshakarma- वात और कफ शमन
वीर्यवृद्धि और संतान सुख मूत्रविकार वातज दर्द हृदय दुर्बलता रक्तदोष और रक्तपित्त ज्वर और सूजन
बीज, पत्ते, फल, तना
बीज/चूर्ण: 3–6 gm क्वाथ/रस: 30–50 ml तेल/कल्क: 2–5 gm
पुत्रंजीवकादि चूर्ण वीर्यवर्धक कल्क पुत्रसुखदायक पंचांग
पुत्रंजीवकः कटुमधुरः स्निग्धः वीर्यवर्धकः। संतानप्रदायकः वातकफशामकः स्मृतः॥ "पुत्रञ्जीवोगुरुस्निग्धोबृंहणोगर्भधारकः। तीव्रपित्तहरःशीतोवातपित्तविनाशनः॥" (भावप्रकाशनिघण्टु)
पुत्रंजीवक
Putranjiva, Bastard Ironwood
Putranjiva roxburghii Wall.
Putranjivaceae