लोणिका करमूल लुकी
छोटा, बारहमासी जड़ी-बूटी, भूमि पर फैली हुई
गर्म और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सामान्य रूप से उगने वाली जंगली और बाग-बगिचों में पाई जाती है।
अल्कलॉइड्स फ्लेवोनॉइड्स विटामिन A, C ओमेगा-3 फैटी एसिड मिनरल्स (कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम) ऑक्सैलिक एसिड, लाइपिड
Rasa- कषाय, अम्ल, कटु Guna- हल्का, स्निग्ध Virya- शीतल Vipaka- मधुर Karma- वात-पित्त शमन, मूत्रविकार नाशक, रक्तशोधन, ज्वरनाशक, वातज रोग नाशक Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
पत्ते – मूत्रविकार, ज्वर, वातज रोग, अपच फूल – वात-पित्त शमन, ज्वर नाशक तना – त्वचा रोग और रक्तशोधन रस – व्रण और जलन में लाभकारी
पत्ते फूल तना
पत्ते का रस या काढ़ा – 10–20 ml सूखा पत्ते का चूर्ण – 1–2 ग्राम फूल और तना – आवश्यकता अनुसार
लोणिका का रस (व्रण, जलन और त्वचा रोग में) पत्ते का काढ़ा (मूत्रविकार और ज्वर में)
लोणिकापत्रं वातपित्तशामकं हि। मूत्रविकारनाशकं रक्तशोधनं च सदा।।
लोणिका, लुकी, करमूल
Purslane, Common Purslane
Portulaca oleracea L.
Portulacaceae