द्रवन्ती तीक्ष्णबीज वीरतरु विरेचक तीक्ष्णफल जंपाल
छोटा पर्णपाती वृक्ष या झाड़ी
भारत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में विशेषकर पूर्वी और दक्षिणी भागों में; श्रीलंका, मलेशिया और इंडोनेशिया में भी पाया जाता है।
क्रोटोन तेल (Croton oil – जिसमें ट्राइग्लिसराइड्स, फॉर्बॉल एस्टर्स) क्रोटोनोसाइड टिग्लिक अम्ल ग्लिसराइड्स ऑफ फैटी एसिड्स अल्कलॉइड्स
Rasa- तिक्त, कटु Guna- लघु, तीक्ष्ण, स्निग्ध Virya- उष्ण Vipaka- कटु Karma- विरेचक, कृमिघ्न, वातार्शक, शूलहर Doshakarma- कफवातशामक, पित्तवर्धक
तीव्र रेचक के रूप में कब्ज एवं मलावरोध में कृमिनाशक के रूप में उदरशूल और आमवात में वात-कफ विकारों में जलोदर (Ascites) में
बीज (शोधन के बाद)
शुद्ध बीज चूर्ण: 125–250 मि.ग्रा. तेल (बहिर्मुखी प्रयोग): आवश्यकता अनुसार
द्रवन्ती चूर्ण द्रवन्ती तैल त्रिवृतादि चूर्ण (संयोजन में)
द्रवन्तीकटुतिक्ताचतीव्राविरेचनीभवेत्। गुल्मार्शःशूलकफघ्नीकृमिपित्तविबन्धनुत्॥ भावप्रकाशनिघण्टु – तीक्ष्णादिवर्ग द्रवन्त्याः तीक्ष्णबीजानि विरेचनकराणि च। कफवातहराण्याहुः कृमिशूलनिवारणम्॥
जयपाल, जंपाल
Purging Croton, Croton Seeds
Croton tiglium Linn.
Euphorbiaceae