HERBAL GARDEN

जयपाल (द्रवन्ती)

Classification

Synoyms

द्रवन्ती
तीक्ष्णबीज
वीरतरु
विरेचक
तीक्ष्णफल
जंपाल

Habit

छोटा पर्णपाती वृक्ष या झाड़ी

Habitat

भारत के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में विशेषकर पूर्वी और दक्षिणी भागों में; श्रीलंका, मलेशिया और इंडोनेशिया में भी पाया जाता है।

Morphology

  • तना – छोटा, शाखायुक्त, भूरे रंग की छाल वाला
  • पत्तियाँ – एकांतर, दीर्घवृत्ताकार, नुकीले सिरे वाली, हल्के हरे रंग की
  • फूल – छोटे, पीताभ-सफेद, गुच्छों में
  • फल – त्रिखंडी, अंडाकार कैप्सूल
  • बीज – अंडाकार, चिकने, भूरे रंग के, अत्यंत तीक्ष्ण औषधीय प्रभाव वाले

Chemical Composition

क्रोटोन तेल (Croton oil – जिसमें ट्राइग्लिसराइड्स, फॉर्बॉल एस्टर्स)
क्रोटोनोसाइड
टिग्लिक अम्ल
ग्लिसराइड्स ऑफ फैटी एसिड्स
अल्कलॉइड्स

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कटु
Guna- लघु, तीक्ष्ण, स्निग्ध
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- विरेचक, कृमिघ्न, वातार्शक, शूलहर
Doshakarma- कफवातशामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

तीव्र रेचक के रूप में कब्ज एवं मलावरोध में
कृमिनाशक के रूप में
उदरशूल और आमवात में
वात-कफ विकारों में
जलोदर (Ascites) में

Useful Part

बीज (शोधन के बाद)

Doses

शुद्ध बीज चूर्ण: 125–250 मि.ग्रा.
तेल (बहिर्मुखी प्रयोग): आवश्यकता अनुसार

Important Formulation

द्रवन्ती चूर्ण
द्रवन्ती तैल
त्रिवृतादि चूर्ण (संयोजन में)

Shloka

द्रवन्तीकटुतिक्ताचतीव्राविरेचनीभवेत्।
गुल्मार्शःशूलकफघ्नीकृमिपित्तविबन्धनुत्॥
भावप्रकाशनिघण्टु –
तीक्ष्णादिवर्ग द्रवन्त्याः तीक्ष्णबीजानि विरेचनकराणि च।
कफवातहराण्याहुः कृमिशूलनिवारणम्॥

Hindi Name​

जयपाल, जंपाल

English Name

Purging Croton, Croton Seeds

Botanical Name

Croton tiglium Linn.

Family

Euphorbiaceae

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