HERBAL GARDEN

फल प्रियंगु (Phalpriyangu)

Classification

Synoyms

प्रियंगु

Habit

यह एक सदाबहार वृक्ष है जो उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है।

Habitat

प्रियंगु उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगता है, विशेष रूप से दक्षिण भारत और श्रीलंका में।

Morphology

  • पत्तियाँ (Leaves): पत्तियाँ समन्वित, पंखुड़ी के आकार की, और चमकदार हरी होती हैं।
  • फूल (Flowers): फूल छोटे, सफेद या पीले रंग के होते हैं, जो गुच्छों में होते हैं।
  • फल (Fruits): फल छोटे, गोलाकार, और लाल या नारंगी रंग के होते हैं।

Chemical Composition

फ्लैवाग्लिन्स (Flavaglines): rocaglamide, silvestrol, आदि।
एल्कलॉइड्स (Alkaloids): जैसे कि bisamide alkaloids।
फेनोलिक यौगिक (Phenolic Compounds): जैसे कि टैनिन्स और फ्लेवोनोइड्स।

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय
Guna- गुरु, रूक्ष
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- पित्तनाशक, वातनाशक, रक्तदोष नाशक , त्वचादोष नाशक
Doshakarma- पित्त और वात को शांत करने वाला

Medicinal uses

पाचन विकार: पाचन क्रिया को सुधारता है।
त्वचा रोग: त्वचा के रोगों में लाभकारी।
रक्तदोष: रक्त को शुद्ध करता है।
वात और पित्त विकार: वात और पित्त को संतुलित करता है।

Useful Part

पत्तियाँ, फूल और फल।

Doses

पाउडर: 2–4 ग्राम, शहद या घी के साथ।
काढ़ा: 50–100 मि.ली.
लेप: स्थानीय उपयोग के लिए।

Important Formulation

प्रियंगु वटी: पाचन और बल्य के लिए।
प्रियंगु तेल: त्वचा रोगों के उपचार में।
प्रियंगु काढ़ा: पित्त और वात विकारों के लिए।

Shloka

"प्रियंगु पित्तवातनाशकं बल्यं वीर्यवर्धनं।"

Hindi Name​

प्रियंगु, फल प्रियंगु

English Name

Priyangu

Botanical Name

Aglaia roxburghiana Miq.

Family

Meliaceae

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