HERBAL GARDEN

एरंड कर्कटी (पपीता)

Classification

Synoyms

एरंड कर्कटी
मधुकर्कटी
पपीत
वातहरी
कर्कटीबीजा

Habit

छोटा, बिना शाखाओं वाला, कोमल तना वाला वृक्ष

Habitat

उष्णकटिबंधीय व उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। भारत के अधिकांश भागों में घरों के आस-पास उगाया जाता है।

Morphology

  • तना – सीधा, मुलायम, कोमल व रसयुक्त
  • पत्तियाँ – बड़ी, गहरे हरे रंग की, कटावदार
  • फूल – हल्के पीले से सफेद रंग के, सुगंधित
  • फल – अंडाकार या दीर्घवृत्ताकार, बाहर से हरा और पकने पर पीला
  • बीज – काले व छोटे-छोटे, गूदे के भीतर

Chemical Composition

पेपेन (Papain) – पाचक एंजाइम
केरोटीनॉइड्स
एस्कॉर्बिक एसिड
फ्लेवोनॉइड्स
ग्लूकोसाइड्स
एल्कलॉइड्स
लैटेक्स में पेप्टिडेज़ एंजाइम्स
विटामिन A, C और E
पोटैशियम, फाइबर

Guna-Karma

Rasa- मधुर, तिक्त
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- पाचक, कृमिघ्न, व्रणशोधन, व्रणरोपण, शूलहर, वातहर, गर्भशोधन (लेक्सेटिव), स्त्रीरोगहर
Doshakarma- वात-कफ शामक, पित्तवर्धक

Medicinal uses

पाचन में सहायक – अपचन, अग्निमांद्य में फल उपयोगी
कृमिनाशक – बीज व पत्तियाँ आंतरिक कृमियों में उपयोगी
त्वचा रोग – लेटेक्स व पत्तियों का लेप व्रण व त्वचा रोगों में
स्त्री रोग – अनियमित मासिक धर्म व गर्भाशय की समस्याओं में
ज्वर – विशेषतः डेंगू व मलेरिया में पत्तियों का रस प्लेटलेट बढ़ाने हेतु
मूत्रकृच्छ्र – बीजों का प्रयोग मूत्रजनक
कब्ज – पका हुआ फल रेचक प्रभाव देता है
व्रण व फोड़े-फुंसी में पत्तों व दूध का बाह्य प्रयोग

Useful Part

फल, बीज, पत्तियाँ, लेटेक्स (दूध)

Doses

फल रस – 50–100 ml
बीज चूर्ण – 1–2 gm
पत्ती रस – 10–15 ml
लेटेक्स – 1–2 बूँद (केवल चिकित्सकीय देखरेख में)

Important Formulation

पपीता बीज चूर्ण
पत्ती का क्वाथ / रस (विशेषतः डेंगू में)
पेपेन युक्त पाचन औषधियाँ
कृमिघ्न व रेचक योग

Shloka

एरण्डकर्कटी तिक्ता वातकृमिहरप्रदा।
श्लेष्माणं हारयेच्चैव पाचनं दीपनी परा॥ (भावप्रकाश निघण्टु)

Hindi Name​

पपीता

English Name

Papaya

Botanical Name

Carica papaya Linn.

Family

Caricaceae

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