HERBAL GARDEN

मुक्तवर्च (Muktavarch)

Classification

Synoyms

मुक्तवर्चा
मृगमेदिनी
हरितपत्री
कुपी
वातहरिणी

Habit

छोटी शाकीय (herbaceous) वार्षिक वनस्पति (annual herb), 30–70 सेमी ऊँची।

Habitat

यह भारत के लगभग सभी भागों में, विशेष रूप से नम स्थानों, खेतों, बागों, और सड़कों के किनारे स्वतः उगती है। यह उष्णकटिबंधीय एशिया, अफ्रीका, और भारत में सामान्यतः पाई जाती है।

Morphology

  • तना (Stem): पतला, सीधा, शाखायुक्त, रोएँदार।
  • पत्तियाँ (Leaves): अंडाकार, दाँतेदार किनारे वाली, 2–5 सेमी लंबी।
  • फूल (Flowers): छोटे, हरे रंग के, पुष्पगुच्छ के रूप में पत्तियों के आधार पर।
  • फल (Fruits): छोटे कैप्सूल जैसे, तीन बीजों वाले।
  • बीज (Seeds): छोटे, गोलाकार, भूरे रंग के

Chemical Composition

Acalyphine (alkaloid)
Tannins
Flavonoids
Saponins
Resins
Essential oils
Fixed oils
Mucilage

Guna-Karma

Rasa- कटु, तिक्त
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- उष्ण
Vipaka- कटु
Karma- कृमिघ्न, कफ-वातहर, विरेचक, व्रणशोधक, कासहर, श्वासहर, त्वचारोगनाशक
Doshakarma- कफ-वात शामक

Medicinal uses

कृमि (Intestinal worms) नाशक
त्वचारोग जैसे खुजली, दाद, फोड़े-फुंसी में लेप रूप में
श्वास एवं कास (खाँसी, अस्थमा) में उपयोगी
यकृतवृद्धि (Liver enlargement) और पीलिया में
घावों की सफाई और व्रणरोपण में
रक्तदोष एवं कफ रोगों में
विरेचक के रूप में हल्के रेचक प्रभाव हेतु

Useful Part

पत्तियाँ, जड़, सम्पूर्ण पौधा

Doses

पत्तियों का रस: 10–15 मिलीलीटर
चूर्ण: 2–4 ग्राम
काढ़ा: 20–30 मिलीलीटर

Important Formulation

मुक्तवर्च लेप (त्वचारोग हेतु)
मुक्तवर्च रस या स्वरस
मुक्तवर्चादि चूर्ण
कृमिघ्न योग

Shloka

मुक्तवर्चा तिक्तकषायो वातकफहरो मतः।
कृमिघ्नः कासश्वासघ्नः त्वचारोगनिवारकः॥

Hindi Name​

मुक्तवर्च, कुपी, खोखली भाजी, मुक्ता वृक्षिका

English Name

Indian Acalypha, Indian Copperleaf, Three-seeded Mercury

Botanical Name

Acalypha indica Linn.

Family

Euphorbiaceae

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