HERBAL GARDEN

लताकस्तूरी

Classification

Synoyms

लताकस्तूरी
मुस्कट
मुस्कटहली
कस्तूरीफलिका

Habit

वार्षिक या बहुवर्षीय झाड़ी/लता

Habitat

भारत में उपोष्णकटिबंधीय और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है। यह बाग-बगिचों, सड़क किनारों और झाड़ियों में उगती है। श्रीलंका, नेपाल और दक्षिण-एशिया के अन्य देशों में भी सामान्य है।

Morphology

  • तना (Stem)- लम्बा, मृदु, बेलनाकार।
  • पत्ते (Leaves)- बड़े, तिरछे, हृदयाकार-त्रिकोणीय, नुकीले।
  • फूल (Flowers)- पीले रंग के, बीच में लाल/गुलाबी धब्बा।
  • फल (Fruits)- लंबी, बेलनाकार, हरे रंग की शुष्क कैप्सूल।
  • बीज (Seeds)- काले, सुगंधित, औषधीय।

Chemical Composition

अल्कलॉइड्स
फ्लेवोनॉयड्स
ग्लाइकोसाइड्स
आवश्यक तेल (बीज से प्राप्त)
स्टार्च, प्रोटीन और वसा
फिनोलिक यौगिक

Guna-Karma

Rasa-मधुर, कटु, तिक्त
Guna- स्निग्ध, हल्का
Virya- उष्ण
Vipaka- मधुर
Karma-बल्य, हृद्य, मूत्रल, वीर्यल, वातकफशामक, ज्वरनाशक, सुगंधित
Doshakarma-वात-कफ शामक, पित्त वर्धक

Medicinal uses

वीर्यक्षय और शुक्रदोष में वृष्य
हृदय दुर्बलता, मानसिक तनाव, अनिद्रा में हृद्य
मूत्रविकार, मूत्रकृच्छ्र में मूत्रल
वात-कफ विकार, जोड़ों के दर्द में लाभकारी
बीज सुगंधित, तैल एवं औषधीय उपयोग में

Useful Part

बीज, फल, फूल

Doses

बीज चूर्ण : 3–6 ग्राम
क्वाथ : 20–50 मिलीलीटर
बीज तैल : 5–10 मिलीलीटर

Important Formulation

लताकस्तूरी चूर्ण
मुस्कट तैल
वृष्य एवं हृदयवर्धक योगों में सम्मिलित

Shloka

लताकस्तूरी बल्यं हृद्यं वीर्यं वातकफशामकम्।
मूत्रलं ज्वरहरं च सुगन्धितं सर्वकर्मसु॥
"लताकस्तूरीमधुरातिक्तास्निग्धाकफवातनुत्।
दीपनीशुक्रदाहृद्याकामदासुरभिप्रदा॥" (भावप्रकाशनिघण्टु)

Hindi Name​

लताकस्तूरी, मुस्कट, मुस्कटहली

English Name

Musk mallow, Abelmosk

Botanical Name

Abelmoschus moschatus Medik.

Family

Malvaceae

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