जलेबी वृक्ष (लोक नाम), विलायती अम्ली (कुछ क्षेत्रीय निघंटु/लोक प्रयोग) (शास्त्रीय निघंटुओं में स्पष्ट, सर्वमान्य संस्कृत नाम सीमित है)
सदाबहार (Evergreen) मध्यम आकार का कांटेदार वृक्ष
मूल निवास: मध्य अमेरिका भारत के उष्ण एवं उपोष्ण क्षेत्र सड़क किनारे, खेतों की मेड़, बंजर भूमि
टैनिन्स, फ्लेवोनॉयड्स, सैपोनिन्स, एल्कलॉइड्स, शर्करा, विटामिन C, फेनोलिक यौगिक
Rasa- मधुर, कषाय, अम्ल (फल में) Guna- लघु, रूक्ष Virya- शीतल Vipaka- कटु Karma-संग्राही, अतिसारहर, शोथहर, कृमिघ्न, दन्त्य (दाँतों के लिए हितकर) Doshakarma- कफशामक, पित्तशामक, वात पर समभाव
अतिसार एवं ग्रहणी दंतशूल, मसूड़ों की सूजन ज्वर में सहायक त्वचा विकारों में बाह्य प्रयोग कृमिरोग में उपयोग
फल, छाल, पत्तियाँ, बीज,
फल सेवन: 50–100 g / दिन छाल क्वाथ: 20–40 ml पत्ती चूर्ण: 3–5 gअधिक मात्रा में सेवन से कब्ज हो सकता है
जलेबी फल प्रयोग (लोक चिकित्सा) संग्राही योगों में सहायक द्रव्य
“कटुकं मधुरं रसयुक्तं वातपित्तनाशकं च। सालपोलाफलबीजपत्तिचालं शरीरसुखप्रदम्॥”
जंगली जलेबी, विलायती इमली
Manila Tamarind, Jungle Jalebi, Madras Thorn
Pithecellobium dulce (Roxb.) Benth.
Fabaceae (पूर्व में Mimosaceae)