HERBAL GARDEN

मालझन (Maljhan)

Classification

Synoyms

Maloo Lata, Valli Kanchanara, Brihat Kanchanara, Vata Kanchanara

Habit

वृक्षों पर चढ़ने वाली विशाल, लकड़ीदार, पतझड़ी आरोही लता (Woody climber)

Habitat

यह भारत के मध्य, उत्तरी और पूर्वी राज्यों के पर्वतीय एवं वन क्षेत्रों में पाई जाती है — विशेष रूप से हिमालय की तराई, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड के वनों में।

Morphology

  • तना (Stem): मजबूत, लकड़ीदार और लम्बी आरोही बेल
  • पत्तियाँ (Leaves): बहुत बड़ी, गोलाकार, हृदयाकार आधार वाली, दो खंडों में विभाजित (गाय के खुर जैसी)
  • फूल (Flowers): पीले-सफेद रंग के, गुच्छों में लगते हैं
  • फल (Fruit): लंबी, पतली, चपटी फलियाँ, जिनमें कई चपटे बीज होते हैं
  • बीज (Seeds): कठोर, गोलाकार या अंडाकार

Chemical Composition

टैनिन्स
फ्लेवोनॉइड्स (Kaempferol, Quercetin)
सैपोनिन्स
शर्करा
प्रोटीन
कैल्शियम और आयरन यौगिक

Guna-Karma

Rasa- कषाय, तिक्त
Guna- लघु, रूक्ष
Virya- शीतल
Vipaka- कटु
Karma- रक्तशोधक (रक्त को शुद्ध करने वाला), शोथहर (सूजन कम करने वाला), व्रणरोपण (घाव भरने वाला), कुष्ठघ्न (त्वचा रोग नाशक), स्तंभक (रक्तस्राव रोकने वाला), ज्वरघ्न (बुखार कम करने वाला), वातकफ शामक
Doshakarma- कफ-वात शामक

Medicinal uses

घाव, फोड़े-फुंसी एवं अल्सर में पत्तों या छाल का लेप
रक्तविकार और त्वचा रोगों में उपयोगी
शोथ (सूजन) कम करने के लिए छाल का क्वाथ
छाल का काढ़ा दस्त, अतिसार में लाभकारी
मूत्रवर्धक प्रभाव से मूत्र रोगों में सहायक
बालों की जड़ों को मजबूत करने हेतु पत्तों का लेप

Useful Part

छाल, पत्तियाँ, फूल, बीज

Doses

छाल चूर्ण: 3–6 ग्राम
क्वाथ (काढ़ा): 30–50 मिलीलीटर
पत्तियों का लेप: बाह्य प्रयोग हेतु

Important Formulation

कांचनार गुग्गुलु (समान गुण वाले वर्ग में प्रयोग)
मालू क्वाथ – शोथ और रक्तविकारों में
मालू पत्त्र लेप – व्रण और त्वचा रोगों में

Shloka

“मालू लता कषायोष्णा, कफवातविनाशिनी।
रक्तपित्तहरो नित्यं, शोथकुष्ठविनाशिनी॥”

Hindi Name​

मालझान, मालू बेल, मालू लता

English Name

Maloo Creeper, Mountain Ebony

Botanical Name

Bauhinia vahlii W. & A.

Family

Fabaceae (Leguminosae)

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