HERBAL GARDEN

जाति

Classification

Synoyms

जाति
मालती
सुमन
पुष्पराज
मधुप्रिया

Habit

बहुवर्षीय, लता या झाड़ीदार पौधा

Habitat

उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में; भारत, चीन, अफगानिस्तान, ईरान, भूमध्यसागरीय क्षेत्र में पाया जाता है। बगीचों में सजावटी पौधे के रूप में व्यापक रूप से लगाया जाता है।

Morphology

  • तना – पतला, लता रूपी या झाड़ीदार, चिकना
  • पत्तियाँ – संयुक्त, विपरीत, 5–7 पत्रक वाली
  • फूल – छोटे, श्वेत रंग के, अत्यंत सुगंधित, गुच्छेदार
  • फल – छोटे, काले-बैंगनी रंग के बेरी
  • बीज – छोटे, कठोर

Chemical Composition

वाष्पशील तेल (Linalool, Benzyl acetate, Jasmonates)
फ्लेवोनॉइड्स
टैनिन
सैपोनिन्स
ग्लाइकोसाइड्स
अल्कलॉइड्स

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय, मधुर
Guna- लघु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- व्रणरोपण, रक्तशोधक, नेत्र्य, शोथहर, त्वक्शोधक, मुखदुर्गन्ध नाशक
Doshakarma- पित्तशामक, कफहर

Medicinal uses

नेत्ररोगों में (फूल का अर्क)
व्रण एवं फोड़े-फुंसी में
मुखदुर्गंध व मुखरोगों में
त्वचा रोगों में
शोथ एवं सूजन में
सुगंध हेतु इत्र एवं तेल निर्माण में

Useful Part

पत्तियाँ, फूल, जड़ें

Doses

पत्तियों का रस: 10–20 मि.ली.
फूल का अर्क: 5–10 मि.ली.
जड़ चूर्ण: 2–4 ग्राम

Important Formulation

जाति पुष्प अर्क
जाति पत्र स्वरस
व्रणरोपण लेप

Shloka

जातिः शीतलपुष्पाढ्या तिक्तकषायमधुरका।
व्रणशोधी पित्तहरा नेत्र्यः शोथविनाशिनी॥
जातिः सुगन्धा तीक्षा तु रक्तपित्तहराऽपि च।
शोथव्रणकुष्ठघ्नी च शीतला रक्तवर्धिनी॥
भावप्रकाश निघण्टु – पुष्पवर्ग

Hindi Name​

चमेली, जाति

English Name

Jasmine, Poet’s Jasmine

Botanical Name

Jasminum officinale Linn.

Family

Oleaceae

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