HERBAL GARDEN

पारीष

Classification

Synoyms

पारीष
परिष
परिषद् वृक्ष
व्रणवृक्ष
रक्तपुष्पक

Habit

मध्यम आकार का सदाबहार वृक्ष

Habitat

समुद्र तटीय क्षेत्रों, बाग-बगीचों एवं मंदिरों के समीप उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय प्रदेशों में उगता है। भारत में दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, उड़ीसा और बंगाल में प्रचुरता से पाया जाता है।

Morphology

  • ऊँचाई- 10–15 मीटर तक
  • तना- सीधा, धूसर रंग की छाल
  • पत्ते- बड़े, हृदयाकृति (heart-shaped), 10–20 सेमी लंबे, चिकने, हरे
  • फूल- बड़े, पीले रंग के, मध्य भाग में गहरे लाल धब्बों सहित, घंटी के आकार के
  • फल- गोलाकार, कठोर, लकड़ी जैसे कैप्सूल
  • बीज- भूरे रंग के, रोयेंदार

Chemical Composition

फ्लावोनॉयड्स (Gossypol, Kaempferol, Quercetin)
टैनिन
सैपोनिन्स
फेनोलिक यौगिक
गोंद व म्यूसिलेज

Guna-Karma

Rasa- तिक्त, कषाय, मधुर
Guna- गुरु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- कटु
Karma- व्रणशोधन, व्रणरोपण, रक्तपित्तशामक, दाहशामक, शोथहर, विषनाशक
Doshakarma- पित्तशामक, रक्तदोषहर, कफहर

Medicinal uses

त्वचा विकार (कुष्ठ, श्वित्र, दाद)
रक्तपित्त और रक्तदोष
जलन और दाह
व्रण (घाव) और फोड़े
अतिसार, आमवात, शोथ
नेत्र रोग (फूल का प्रयोग)
यकृत विकारों में लाभकारी

Useful Part

छाल, पत्ते, फूल, बीज

Doses

क्वाथ (Decoction): 30–50 मिली
चूर्ण: 3–6 ग्राम
स्वरस (Juice): 10–15 मिली
कल्क (Paste): बाह्य प्रयोग

Important Formulation

पारीष क्वाथ
पारीषादि लेप
व्रणशोधन औषधियों में प्रयोग

Shloka

पारीषं शीतलं तिक्तं कषायं रक्तपित्तनुत्।
व्रणशोधनरोपणं दाहशोषणमेव च॥

Hindi Name​

पारीष, परस पीपल, पोपल

English Name

Indian Tulip Tree, Portia Tree

Botanical Name

Thespesia populnea (L.) Sol. ex Corrêa

Family

Malvaceae

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