सर्पगंधा जंगलीसर्पगंधा चोटीसर्पगंधा
छोटी झाड़ी या पौधा, 1–3 मीटर ऊँचा
भारत में जंगलों, रास्तों और आर्द्र भूमि में पाया जाता है। उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सामान्य है।
अल्कालॉइड्स (रेसिपिन, सर्पगंधिन) टैनिक एसिड फ्लेवोनॉइड्स सैपोनिन्स
Rasa- कटु, कषाय Guna- हल्का, सुखद Virya- शीतल Vipaka- कटु Karma-रक्तचाप नियंत्रक, हृदय स्वास्थ्य वर्धक, मानसिक तनाव नाशक, वातशामक, स्नायविकार नाशक Doshakarma- वात और पित्त शामक, कफवर्धक (अत्यधिक सेवन पर)
जड़ – उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मानसिक तनाव पत्ते – ज्वर, स्नायविकार बीज – मूत्रविकार और ज्वर नाशक सजावटी और औषधीय दोनों उद्देश्यों में उपयोगी
जड़ पत्ते बीज
जड़ चूर्ण / काढ़ा – 1–2 ग्राम पत्ते का रस – 10–20 ml बीज चूर्ण – 0.5–1 ग्राम
जंगली सर्पगंधा जड़ काढ़ा (हृदय रोग और उच्च रक्तचाप में) पत्ते का रस (ज्वर और स्नायविकार में)
सर्पगंधाजड़ं हृदयशान्तिकरं हि। रक्तचापनाशकं वातपित्तहरं च सदा।।
जंगली सर्पगंधा, चोटी सर्पगंधा
Indian Snakeroot, Wild Rauvolfia
Rauvolfia tetraphylla L.
Apocynaceae