HERBAL GARDEN

गोमी (Gomi)

Classification

Synoyms

गोमिवल्लरी, ताम्रपत्री, सुवर्णफल, रक्तफलिका

Habit

यह एक बड़ी, कांटेदार, सदाबहार लता या झाड़ी (evergreen climbing shrub) होती है जो 2–5 मीटर तक फैल सकती है।

Habitat

यह पौधा भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों (असम, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम, सिक्किम) तथा पूर्वी हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है। यह 300–1800 मीटर ऊँचाई तक के वनों में स्वाभाविक रूप से उगता है।

Morphology

  • गोमी एक कांटेदार झाड़ी या आरोही लता होती है।
  • पत्तियाँ: अंडाकार, मोटी, ऊपर से हरी और नीचे से चाँदी जैसी धूसर।
  • फूल: छोटे, पीले-सफेद, सुगंधित, और एकल या युग्म में लगते हैं।
  • फल: अंडाकार, लाल या नारंगी रंग के, मीठे-खट्टे स्वाद वाले, अंदर एक बीज होता है।
  • तना: हल्के भूरे रंग का और कांटेदार।

Chemical Composition

फलों में: विटामिन C, कार्बोहाइड्रेट्स, टैनिन्स, फेनोलिक यौगिक, फ्लेवोनॉइड्स, कैरोटिनॉइड्स
पत्तियों में: एल्कलॉइड्स, सैपोनिन्स, फेनॉल्स
जड़ों में: टैनिन्स, ग्लाइकोसाइड्स और आयरन यौगिक

Guna-Karma

Rasa- मधुर, आम्ल, कषाय
Guna- लघु, स्निग्ध
Virya- शीत
Vipaka- मधुर
Karma- बल्य, रक्तशोधक, दीपन-पाचन, तृषाहरण, कृमिघ्न, वात-पित्त शामक
Doshakarma- वात-पित्त शामक, कफ-वर्धक

Medicinal uses

फल: रक्तवर्धक, पाचन सुधारक, और शीतल गुणयुक्त।
छाल का काढ़ा: दस्त, रक्तपित्त, और पित्त विकारों में उपयोगी।
पत्तियाँ: घाव और सूजन में बाह्य रूप से लेप के रूप में।
जड़: कृमिनाशक और मूत्रल।
फल का रस: थकान, तृषा और ज्वर में शीतल पेय के रूप में।
आधुनिक दृष्टि से: एंटीऑक्सीडेंट, एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए गए हैं।

Useful Part

फल, पत्तियाँ, छाल, जड़

Doses

काढ़ा: 20–40 मिलीलीटर
चूर्ण: 3–5 ग्राम
फल: 10–20 ग्राम (ताजा)

Important Formulation

गोमी फल चूर्ण
गोमी फल अर्क
रक्तशोधक योग
पित्तशामक अवलेह

Shloka

"गोमी लघ्वी शिता स्वादु रक्तपित्तविनाशिनी।
कृमिघ्नी बलदा चैव पाचन्या पित्तनाशिनी॥"

Hindi Name​

गोमी / गोमी लता / सोरस / सोरसक

English Name

Indian Silverberry / Oleaster / Bastard Oleaster

Botanical Name

Elaeagnus indica Serv.

Family

Elaeagnaceae

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