Nilakanti, Sindurabooti
बारहमासी झाड़ी, 30–60 सेमी ऊँची, घास जैसे तने
खुली जमीन, खेत किनारे, रेतीली और उपजाऊ मिट्टी
एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लावोनॉइड्स, एल्कलॉइड्स एंटीइंफ्लेमेटरी और जीवाणुरोधी गुण
Rasa- कटु Guna- हल्का Virya- शीत Vipaka- मधुर Karma- त्वचा रोग, बुखार, श्वसन और पाचन विकार निवारक Doshakarma- वात और पित्त दोष संतुलक; कफ पर हल्का प्रभाव
त्वचा रोग: खुजली, फोड़े, दाद बुखार और जलन कम करने में खाँसी और श्वसन संबंधी रोगों में सहायक पाचन और मूत्र स्वास्थ्य में लाभकारी
पूरे पौधे: पत्तियाँ, तना, जड़ और फूल
पत्तियाँ और फूल: 5–10 g काढ़ा चूर्ण या रस: 2–5 g
पत्तियों और फूल का काढ़ा (त्वचा रोग और बुखार में) रस या पेस्ट (खाँसी और श्वसन रोगों में)
“कटुं हल्कं शीतं रसयुक्तं वातपित्तनाशकं च। नीलकांति पत्तिफूलजड़ं रोगहरं प्रदम्॥”
नीलकांति, सिंदूर बूटी
Indian Borage, Blue Cowslip
Trichodesma indicum (L.) Lehm.
Boraginaceae